करोड़ो आदिवासियों के जीवन एवं सम्मान के प्रश्न पर हिमांशु कुमार कर रहे अनिश्चितकालीन उपवास

By | May 1, 2013

सभी जुड़े

करोड़ो आदिवासियों के जीवन एवं सम्मान के प्रश्न पर

देश भर में आत्म चिंतन को बढ़ावा देने के लिए

जन्तर मंतर, नई दिल्ली पर आज 1 जून 2013 से सुबह

अनिश्चितकालीन उपवास

उपवासकर्ता हिमांशु कुमार

जिन्होंने लगभग दो दशक तक छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा क्षेत्र में काम किया

हिमांशु कुमार की हम सब से अपील

आदिवासियों के संसाधनों पर पैसे वाली कंपनियों के कब्जा कर लेने और आदिवासियों को उनके अपने ही घर से भगा देने का मुद्दा इस देश के लिये कोई बड़ी समस्या नहीं बन पा रहा है

यह बात सच है कि हम तभी चेतते हैं जब समाज में किसी मुद्दे पर कहीं हिंसा होती है . विनोबा का भूदान आन्दोलन भी भूमि को लेकर फैले हुए अन्याय और उससे उत्पन्न होने वाली हिंसा में से ही निकला था .

अभी आदिवासी इलाकों में अमीर कंपनियों के लोभ के लिये करोड़ों आदिवासियों के जीवन , आजीविका और सम्मान पर हमला जारी है ,

भारत को एक राष्ट्र के रूप में सोचना पड़ेगा कि यह देश अपने मूल निवासियों के साथ क्या सुलूक करेगा ?

क्या हम आदिवासियों की ज़मीनों पर पुलिस की बंदूकों के दम पर कब्ज़ा जायज़ मानते हैं ? क्या हम मानते हैं कि आदिवासियों की बस्तियों में आग लगा कर उन्हें उनके गाँव से भगा कर उनकी ज़मीनों पर कब्ज़ा करने के बाद हम इस देश में शांति ला सकते हैं ?

एक बार हमें अगर अपने ही देशवासियों के साथ अन्याय करने की आदत पड़ गई तो क्या यह आदत हमें किस किस के साथ अन्याय करने का नहीं खोल देगी ?

आज हम आदिवासी पर हमला करेंगे ,फिर हम दलितों को मारेंगे, फिर हम गाँव वालों को मारेंगे . और एक दिन हम चारों तरफ से दुश्मनों से अपने ही बनाये गये दुश्मनों से घिर जायेंगे .

इसलिये आज ही हमें आदिवासियों के साथ हमारे सुलूक की समीक्षा करनी चाहिये .

मेरी विनम्र कोशिश है कि इसी मौके को हम आदिवासियों के साथ इस देश को कैसा सुलूक करना चाहिये इस मुद्दे पर सोचने के रूप में सदुपयोग करें .

इस मुद्दे पर आत्म चिंतन करने के लिये मैं एक जून से जंतर मंतर पर एक उपवास शुरू करने का प्रस्ताव करता हूं

इस दौरान सामान मन के साथी अपने अपने क्षेत्र में इस विषय में कार्यक्रम और चर्चा करेगे तो हम देश भर में न्याय के पक्ष में और अन्याय के विपक्ष में एक माहौल तैयार कर पायेंगे .

आपके सुझाव का स्वागत है .

हिमांशु कुमार

Related Post

Category: Uncategorized

About Vidyut

Vidyut is a blogger on issues of National interest. Staunch advocate of rights, learning and freedoms. @Vidyut

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *